भारत ब्रॉडबैंड निगम लिमिटेड

भारत ब्रॉडबैंड निगम लिमिटेड नामक एक स्पेशल पर्पज व्हीकल को भारतीय कम्पनी कानून 1956 के अंतर्गत 25 फरवरी 2012 को शामिल किया गया। ताकि लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतो में भारतनेट याेजना लागू की जा सके। दूरसंचार विभाग के अन्तर्गत हेमिस्फेयर प्रापर्टीज इंडिया लिमिटेड (HPIL) भी एक सार्वजनिक प्रतिष्ठान है। विदेश संचार निगम लिमिटेड जो कि अब टाटा कम्यूनिकेशन लिमिटेड है में 25 प्रतिशत रणनीतिक बिक्री के समय चार स्थानाे पर मापन के समय कुल 1230.13 एकड भूमि में से 773.13 एकड अतिरिक्त जमीन अलग की गई और यह निर्णय लिया गया की अतिरिक्त जमीन विनिवेश निविदा का भाग नही होगा और इसका प्रबंधन एक अलग अचल संम्पत्ति कंपनी करेगी।

इस भूमि पर सरकार के अधिकारों के शेयर खरीद समझाैते तथा शेयर धारक समझाैते (SHA) में शामिल व्यवस्था के माध्यम से संरक्षित किया गया। परिणाम स्वरूप सरकार ने बीएसएनएल की अतिरिक्त भूमि को बाँटकर इससे बनने वाली कम्पनी की योजना को स्वीकृति दी और मार्च 2014 में इससे बनी कम्पनी हेमिस्फयर प्रॉपर्टीज लिमिटेड के 51.12 प्रतिशत शेयर सरकार ने ले लिया। इसके साथ ही एचपीआईएल दूरसंचार का छठा सार्वजनिक प्रतिष्ठान बन गया।